CDP set-8
बाल विकास प्रश्नोत्तरी
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बाल विकास के महत्वपूर्ण पहलुओं की अपनी समझ का परीक्षण करें
बाल विकास के विभिन्न आयामों की अपनी समझ को परखने के लिए इस प्रश्नोत्तरी को हल करें। सही उत्तर चुनें और अपने ज्ञान का मूल्यांकन करें।
26. सामाजिक विकास कैसे संभव है?
सामाजिक विकास परिवार के साथ संपर्क, लोगों के साथ संपर्क और सांस्कृतिक गतिविधियों द्वारा संभव है। बच्चे सामाजिक संपर्क, सहयोग, सहभागिता और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक कौशल, मूल्य, मानदंड और भूमिकाएं सीखते हैं। यह एक निरंतर प्रक्रिया है जो जीवन भर चलती रहती है और व्यक्ति को समाज का एक सक्रिय और जिम्मेदार सदस्य बनाती है।
27. बच्चे में नैतिक विकास आमतौर पर कब शुरू होता है?
बच्चे में नैतिक विकास आमतौर पर बाल्यावस्था (6-12 वर्ष) में शुरू होता है। कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत के अनुसार, इस अवस्था में बच्चे नैतिकता के पूर्व-पारंपरिक स्तर पर होते हैं जहाँ वे दंड और आज्ञापालन तथा instrumental purpose और विनिमय पर आधारित नैतिक निर्णय लेते हैं। यह वह समय है जब बच्चे सही और गलत की समझ विकसित करना शुरू करते हैं और समाज के नियमों को आत्मसात करते हैं।
28. विकास में अभिप्रेरणा (motivation) की क्या भूमिका है?
विकास में अभिप्रेरणा (motivation) की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यह विकास को तीव्र करती है। अभिप्रेरणा बच्चों को नई चीजें सीखने, कौशल विकसित करने और अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित करती है। आंतरिक अभिप्रेरणा (intrinsic motivation) बच्चे को आनंद और जिज्ञासा के लिए सीखने के लिए प्रेरित करती है, जबकि बाह्य अभिप्रेरणा (extrinsic motivation) बाहरी पुरस्कारों या मान्यता के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।
29. पाठ के अनुसार, बाल विकास में खेल का क्या महत्व है?
बाल विकास में खेल का बहुत महत्व है। यह शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में सहायक है। खेल के माध्यम से बच्चे न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय होते हैं, बल्कि उनका संज्ञानात्मक विकास, सामाजिक कौशल, भावनात्मक नियंत्रण और रचनात्मकता का भी विकास होता है। खेल बच्चों को समस्या-समाधान, सहयोग, संवाद और भावनाओं के प्रबंधन का अवसर प्रदान करता है।
30. बाल विकास अध्ययन का अंतिम लक्ष्य क्या है?
बाल विकास अध्ययन का अंतिम लक्ष्य बच्चों को उचित शिक्षा और वातावरण प्रदान करना है। विकास के चरणों और कारकों को समझने का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए अनुकूलतम विकासात्मक वातावरण तैयार करना है। इस ज्ञान के आधार पर शिक्षक और माता-पिता बच्चों की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण विधियों, पाठ्यक्रम और वातावरण को डिजाइन कर सकते हैं जो बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करता है।
Good evening mother teacherji😊😎😎
ReplyDeleteBest quiz h achche quiestions
Ab aap athava vale bhe bana diya karo