बाल विकास set-5

बाल विकास प्रश्नोत्तरी - सेट 5

बाल विकास प्रश्नोत्तरी - सेट 3

बाल विकास के महत्वपूर्ण पहलुओं की अपनी समझ का परीक्षण करें

बाल विकास के विभिन्न आयामों की अपनी समझ को परखने के लिए इस प्रश्नोत्तरी को हल करें। सही उत्तर चुनें और अपने ज्ञान का मूल्यांकन करें।

1. पियाजे (Piaget) के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, बच्चे किस अवस्था में वस्तुओं के स्थायित्व (object permanence) को समझने लगते हैं?
  • (a) संवेदी-गामक अवस्था (Sensorimotor Stage)
  • (b) पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Preoperational Stage)
  • (c) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage)
  • (d) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage)
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, बच्चे संवेदी-गामक अवस्था (जन्म से 2 वर्ष) में वस्तु स्थायित्व को समझने लगते हैं। वस्तु स्थायित्व का अर्थ है यह समझ कि कोई वस्तु तब भी मौजूद रहती है जब हम उसे देख नहीं सकते, सुन नहीं सकते या छू नहीं सकते।
2. निम्नलिखित में से कौन सी रणनीति बच्चों में सामाजिक-भावनात्मक विकास को बढ़ावा देने में सहायक है?
  • (a) प्रतिस्पर्धा (competition) को प्रोत्साहित करना
  • (b) भावनाओं को व्यक्त करने और प्रबंधित करने के लिए अवसर प्रदान करना
  • (c) केवल बौद्धिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना
  • (d) गलतियों के लिए सख्त सजा देना
बच्चों में सामाजिक-भावनात्मक विकास को बढ़ावा देने के लिए भावनाओं को व्यक्त करने और प्रबंधित करने के अवसर प्रदान करना सबसे प्रभावी रणनीति है। इससे बच्चे अपनी भावनाओं को पहचानना, समझना और उन्हें उचित तरीके से व्यक्त करना सीखते हैं।
3. वाइगोत्स्की (Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) क्या दर्शाता है?
  • (a) बच्चे की वर्तमान क्षमता से कम स्तर का कार्य
  • (b) बच्चे की वर्तमान क्षमता और उस स्तर के बीच का अंतर जिसे वे किसी जानकार व्यक्ति की सहायता से प्राप्त कर सकते हैं
  • (c) बच्चे की पूर्ण क्षमता का स्तर
  • (d) वह क्षेत्र जहाँ बच्चे को कोई सहायता नहीं चाहिए
वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) बच्चे की वर्तमान क्षमता और उस स्तर के बीच का अंतर दर्शाता है जिसे वे किसी जानकार व्यक्ति (शिक्षक या साथी) की सहायता से प्राप्त कर सकते हैं। यह अवधारणा शिक्षण में मार्गदर्शन और सहयोग के महत्व पर बल देती है।
4. निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण विधि बच्चों को सक्रिय रूप से सीखने और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में मदद करती है?
  • (a) व्याख्यान विधि (Lecture method)
  • (b) रट्टा सीखना (Rote learning)
  • (c) परियोजना विधि (Project method)
  • (d) केवल पाठ्यपुस्तक पर निर्भर रहना
परियोजना विधि बच्चों को सक्रिय रूप से सीखने और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में सबसे अधिक मदद करती है। इस विधि में बच्चे वास्तविक जीवन की समस्याओं पर काम करते हैं, स्वयं अनुसंधान करते हैं और समाधान ढूंढते हैं, जिससे उनकी समालोचनात्मक सोच और रचनात्मकता का विकास होता है।
5. बाल विकास में 'खेल' (play) का क्या महत्व है?
  • (a) केवल मनोरंजन का साधन
  • (b) शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में सहायक
  • (c) समय बर्बाद करने का तरीका
  • (d) केवल प्रतियोगिता की भावना विकसित करना
बाल विकास में 'खेल' का बहुत महत्व है। खेल के माध्यम से बच्चे न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय होते हैं, बल्कि उनका मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास भी होता है। खेल बच्चों को समस्या-समाधान, सहयोग, संवाद और भावनाओं के प्रबंधन का अवसर प्रदान करता है।

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Comments

  1. Thank you my mother teacherji😎😊😊😊🥰😎😎😎😊🥰
    Bahut achcha questions 🙋🙋

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