📌 Post No. 8 - CDP (बाल विकास)
📘 विषय: पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत
🧠 याद रखने की ट्रिक
"SAPK" - संज्ञानात्मक विकास की 4 अवस्थाएँ
"S - संवेदी-गामक (0-2 वर्ष)
P - पूर्व-संक्रियात्मक (2-7 वर्ष)
C - मूर्त-संक्रियात्मक (7-11 वर्ष)
F - औपचारिक-संक्रियात्मक (11+ वर्ष)"
P - पूर्व-संक्रियात्मक (2-7 वर्ष)
C - मूर्त-संक्रियात्मक (7-11 वर्ष)
F - औपचारिक-संक्रियात्मक (11+ वर्ष)"
👶 विकास की अवस्थाएँ
संवेदी-गामक
0-2 वर्ष
इंद्रिय अनुभव
पूर्व-संक्रियात्मक
2-7 वर्ष
अहंकेंद्रवाद
मूर्त-संक्रियात्मक
7-11 वर्ष
तार्किक सोच
औपचारिक-संक्रियात्मक
11+ वर्ष
अमूर्त चिंतन
📋 विस्तृत विवरण
| अवस्था | उम्र | मुख्य विशेषताएँ |
|---|---|---|
| संवेदी-गामक | 0-2 वर्ष | वस्तु स्थिरता, इंद्रिय अनुभव |
| पूर्व-संक्रियात्मक | 2-7 वर्ष | अहंकेंद्रवाद, केंद्रीकरण |
| मूर्त-संक्रियात्मक | 7-11 वर्ष | संरक्षण, व्युत्क्रमण |
| औपचारिक-संक्रियात्मक | 11+ वर्ष | अमूर्त चिंतन, काल्पनिक |
📖 व्यावहारिक उदाहरण
संवेदी-गामक: छुपी हुई वस्तु को ढूँढना
पूर्व-संक्रियात्मक: "चाँद मेरे पीछे चल रहा है"
मूर्त-संक्रियात्मक: संरक्षण को समझना
औपचारिक-संक्रियात्मक: काल्पनिक स्थितियों पर विचार
❓ Quick Quiz
1. 4 साल का बच्चा सोचता है चाँद उसके पीछे चल रहा है। यह किस अवस्था का लक्षण है?
पूर्व-संक्रियात्मक
संवेदी-गामक
मूर्त-संक्रियात्मक
2. संरक्षण की अवधारणा किस अवस्था में विकसित होती है?
पूर्व-संक्रियात्मक
मूर्त-संक्रियात्मक
औपचारिक-संक्रियात्मक
Comments
Post a Comment